12 दिन से लापता अर्चना का सुराग मजबूत हुआ, दिल्ली-एमपी कनेक्शन से बढ़ी सस्पेंस की परतें
ग्वालियर। 12 दिनों बाद पुलिस को अर्चना का सुराग मिला है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक अर्चना तिवारी ने अपने घर पर फोन करके परिवार से बात की है। बताया जा रहा है कि अर्चना ग्वालियर में है और सुरक्षित है, जानकारी के मुताबिक अर्चना के घरवाले बेटी से मिलने के लिए ग्वालियर रवाना हो चुके हैं।
250 जवान कर रहे अर्चना की तलाश
अर्चना तिवारी की तलाश में सर्च ऑपरेशन चल रहा है। इस सर्च ऑपरेशन भोपाल और जबलपुर रेलवे पुलिस के करीब 250 जवान इस सर्च ऑपरेशन में लगे हुए हैं। इंदौर से लेकर जबलपुर तक के रेलवे ट्रैक के पास बने पुल, जंगल और नदियों पर बड़ा सर्चिंग अभियान किया जा रहा है। कॉल डिटेल के आधार पर पुलिस दिल्ली पहुंची है और वहां लोगों से पूछताछ कर रही है। रेल SP राहुल लोढ़ा ने जानकारी देते हुए बताया है कि अर्चना के परिजनों से पूछताछ में कुछ सुराग मिले हैं, रेल SP ने कहा है कि मामले में जल्द बड़े खुलासे होंगे।
अर्चना ने अपने घरवालों से की बात
12 दिनों बाद पुलिस को अर्चना का सुराग मिला है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक अर्चना तिवारी ने अपने घर पर फोन करके परिवार से बात की है। बताया जा रहा है कि अर्चना ग्वालियर में है और सुरक्षित है, जानकारी के मुताबिक अर्चना के घरवाले बेटी से मिलने के लिए ग्वालियर रवाना हो चुके हैं। मामले में जीआरपी ने ग्वालियर के भंवरपुरा पुलिस थाने में तैनात राम तोमर को हिरासत में लिया है। जीआरपी ने जवानों ने अर्चना तिवारी के लापता होने के मामले में आरक्षक से पूछताछ की, इस मामले में कॉन्स्टेबल ने बताया कि उसने अर्चना तिवारी के लिए इंदौर से ग्वालियर तक के लिए ट्रेन का टिकट बुक कराया था। हिरासत मेंं लिए आरक्षक से बारीकी से पूछताछ की जा रही है और जानने की कोशिश की जा रही है कि अर्चना से उसका क्या कनेक्शन है। हालांकि रेल SP ने बताया कि अर्चना के गायब होने में अभी तक आरक्षक की कोई भूमिका नहीं है।

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