बिहार ही नहीं भारत का है ये एकलौता मंदिर, टेंपल की रचना देखकर रह जाएंगे हैरान
भागलपुर ऐतिहासिक दृष्टि कोण से काफी अहम है. यहां पर कई ऐसे धार्मिक स्थल है जिसका इतिहास सदियों पुराना है. वहीं कई ऐसे पर्यटन स्थल भी हैं जिसकी अपनी अलग कहानी है. ऐसे में आज बात करेंगे यहां के एक खास मंदिर की जो अंग्रेजों के जमाने का है. यह ऐसा मंदिर जो बिहार ही भारत मे एकलौता है. यह अष्टकोणीय मंदिर है जो बिल्कुल ही कमल के आकार है. यही इस मंदिर को बिल्कुल अलग बनाती है. यह मंदिर राधाकृष्ण का है.
क्या है इस मंदिर की खासियत
दरअसल भागलपुर गंगा के किनारे बसा शहर है जो इसकी खूबसूरती को चार चांद लगा देता है. ऐसे में गंगा के किनारे सीढ़ी घाट पर यह अद्भुत राधा कृष्ण का मंदिर है. जब इसको लेकर वहां के स्थानीय लोगों से बात की गई तो उन्होंने बताया कि यहां पर तीन स्टेट के राजा का मंदिर है. उसी में से एक यह मंदिर है जो अष्टकोणीय मंदिर है. उन्होंने बताया कि इसको अंग्रेजों के समय ही जमींदार बाबू ब्रज ठाकुर के द्वारा 1905 में बनवाया गया था. इसका आठ कोने पर गुम्बद है जो आकर्षक का केंद्र है. इसमें अष्टधातु की मूर्ति है जो काफी शक्तिशाली है. यह चुना सुर्खी का बना हुआ मंदिर है. अब यहां पर रिवर फ्रंट का भी निर्माण हो गया है जो इसकी खूबसूरती में चार चांद लगा देता है.
कहाँ कहाँ से पहुंचते हैं लो
आपको बता दें कि इस मंदिर को देखने लोग देश के अलग अलग कोने से तो पहुंचते ही है इसके साथ साथ विदेश भी लोग पहुंचते हैं. सबसे खास बात है कि अब इसकी देखरेख करने वाला कोई नहीं है जिसके वजह से इसका रंग खत्म हो गया है. लेकिन इसकी नक्काशी आज भी देखने योग्य है. दो द्वार यहां पर है दोनो द्वार पर भी जो नक्काशी उकेरी गई है वह अपने आप मे खास है.

अपनेपन से भरा प्रेम ही दिलों को जोड़ता है
नीचभंग राजयोग का असर: 11 अप्रैल से इन 3 राशियों पर बरसेगा पैसा और सफलता
1 अप्रैल 2026 राशिफल: किस पर बरसेगी किस्मत की मेहरबानी, किसके सामने आएंगी चुनौतियां?
प्रदेश की लाइफलाइन हुई सशक्त: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने 370 नई एम्बुलेंस को दिखाई हरी झंडी