मंदिर में रोप-वे का निर्माण शुरू, 72 श्रद्धालुओं के लिए एक साथ सुविधा
बूंदी: राजस्थान के सुप्रसिद्ध धार्मिक स्थल श्री बीजासन माता मंदिर में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए राज्य सरकार द्वारा स्वीकृत 16 करोड़ रुपये की लागत वाले रोपवे निर्माण का कार्य अब धरातल पर शुरू हो गया है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना की घोषणा बजट में की गई थी, जिसका विधिवत भूमि पूजन लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला द्वारा फरवरी माह में संपन्न हुआ था। अब निर्माण प्रक्रिया प्रारंभ होने से मंदिर आने वाले हजारों भक्तों को पहाड़ियों की कठिन चढ़ाई से मुक्ति मिलेगी और माता के दर्शन की राह बेहद सुगम हो जाएगी।
आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा नया रोपवे मार्ग
इस नवनिर्मित रोपवे को आगामी दो वर्षों के भीतर पूरी तरह तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें तकनीकी रूप से उन्नत 12 ट्रॉलियों का संचालन किया जाएगा। प्रत्येक ट्रॉली की क्षमता छह यात्रियों की होगी, जिससे एक ही समय में 72 श्रद्धालु माता के दरबार तक सुगमता से पहुंच सकेंगे। भविष्य में भक्तों की बढ़ती संख्या और मांग को ध्यान में रखते हुए ट्रॉलियों की संख्या बढ़ाकर 16 करने का भी प्रावधान रखा गया है, जिससे एक साथ लगभग सौ श्रद्धालु यात्रा कर सकेंगे।
निर्माण प्रक्रिया और तकनीकी सुरक्षा मानक
रोपवे परियोजना के अंतर्गत वर्तमान में कार्यस्थल पर तारबंदी का प्राथमिक कार्य शुरू कर दिया गया है और अगले दो हफ्तों में निर्माण की गति में तेजी आने की संभावना है। कार्ययोजना के अनुसार सबसे पहले सिविल स्ट्रक्चर के साथ-साथ इलेक्ट्रिकल और मैकेनिकल ढांचा तैयार किया जाएगा। निर्माण पूर्ण होने के पश्चात सुरक्षा मानकों की दृष्टि से एक से दो माह तक गहन तकनीकी परीक्षण किया जाएगा और सफल टेस्टिंग के बाद ही इसे आम जनता और श्रद्धालुओं के लिए विधिवत रूप से खोला जाएगा।
दिव्यांग और बुजुर्गों के लिए सुगम दर्शन की व्यवस्था
पहाड़ी की ऊंचाई पर स्थित बीजासन माता के मंदिर तक पहुंचने के लिए वर्तमान में श्रद्धालुओं को लगभग साढे़ सात सौ सीढ़ियों का कठिन रास्ता तय करना पड़ता है। रोपवे की सुविधा शुरू होने के बाद विशेषकर बुजुर्गों, दिव्यांगों और शारीरिक रूप से अक्षम भक्तों को बड़ी राहत मिलेगी। स्थानीय प्रशासन और निवासियों का मानना है कि इस नई व्यवस्था से न केवल धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
समयबद्ध लक्ष्य और स्थानीय उत्साह
परियोजना से जुड़े संवेदकों का कहना है कि वे लगभग डेढ़ वर्ष की अवधि में ही मुख्य कार्य को पूरा करने का प्रयास कर रहे हैं ताकि जल्द से जल्द यह सुविधा शुरू की जा सके। रोपवे निर्माण की खबरें सामने आने के बाद से ही श्रद्धालुओं और स्थानीय जनता में भारी उत्साह देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि इस आधुनिक आवागमन के साधन के शुरू होने के बाद मंदिर में दर्शनार्थियों की संख्या में भारी वृद्धि होगी, जो इस तीर्थ स्थल के विकास में एक नया अध्याय जोड़ेगा।

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