ग्वालियर: मध्य प्रदेश के ऐतिहासिक और बेहद प्रसिद्ध अचलेश्वर महादेव मंदिर में आस्था का एक ऐसा अनोखा रंग देखने को मिला है, जिसने मंदिर प्रबंधन से लेकर आम जनता तक सभी को हैरान कर दिया है। अचलेश्वर महादेव मंदिर की दान पेटियां जब खोली गईं, तो उनमें से केवल लाखों रुपये का नगद चढ़ावा और सोने-चांदी के आभूषण ही नहीं निकले, बल्कि श्रद्धालुओं की अटूट आस्था और भावनाओं से ओत-प्रोत दर्जनों मन्नत की पर्चियां भी बाहर आईं। इन सभी पर्चियों के बीच एक अज्ञात युवक का मन्नत पत्र इस समय पूरे शहर में सबसे ज्यादा चर्चा का विषय बना हुआ है। इस युवक ने अपनी आर्थिक तरक्की और सफलता के लिए भगवान शिव के चरणों में कुछ ऐसे अनूठे और कठिन संकल्प लिख कर समर्पित किए हैं, जिन्हें पढ़कर दान राशि गिन रहे अधिकारी भी अपनी हंसी और हैरानी नहीं रोक पाए।

अमीर बनने के लिए खुद पर लगाए कड़े प्रतिबंध, 'सुंदर लड़कों' को न देखने का लिया संकल्प

अचलेश्वर महादेव मंदिर ट्रस्ट द्वारा जिला प्रशासन और बैंक अधिकारियों की कड़ी निगरानी में जून महीने के चढ़ावे की गणना की जा रही थी। इस दौरान जब नोटों और सिक्कों के ढेर के बीच से श्रद्धालुओं की मन्नतों की पर्चियां अलग की गईं, तो इस अनोखे संकल्प पत्र ने सबका ध्यान खींचा।

इस मन्नत पत्र में युवक ने लिखा कि वह अगले दो से तीन वर्षों के भीतर हर हाल में बहुत अमीर बनना चाहता है और हमेशा खुशहाल जीवन जीना चाहता है। अपने इस सपने को पूरा करने और आत्मअनुशासन (Self-discipline) बनाए रखने के लिए उसने भगवान भोलेनाथ के सामने खुद को पांच कड़े वचनों में बांधा है:

  • पहला संकल्प: वह जब तक कामयाब नहीं हो जाता, तब तक खुद से फालतू बातें करके अपना समय बर्बाद नहीं करेगा।

  • दूसरा संकल्प: दिन में बेवजह के ख्याली पुलाव या सपने देखना पूरी तरह बंद कर देगा।

  • तीसरा संकल्प: बिना किसी ठोस वादे या योजना के कोई भी नया काम हाथ में नहीं लेगा।

  • चौथा संकल्प: जब तक उसकी मासिक आमदनी (प्रतिमाह की कमाई) न्यूनतम 1 लाख रुपये तक नहीं पहुंच जाती, तब तक वह किसी भी रिश्तेदार या दोस्त के घर मेहमान बनकर नहीं जाएगा।

  • पांचवां और सबसे अनोखा संकल्प: पर्ची के पीछे युवक ने साफ शब्दों में लिखा कि जब तक वह एक लाख रुपये महीना कमाना शुरू नहीं कर देता, तब तक सड़क पर चलते हुए उसे कितने भी सुंदर लड़के दिखाई दें, वह उनकी तरफ आंख उठाकर भी नहीं देखेगा।

री-नीट (RE-NEET) में सफलता और सरकारी मेडिकल कॉलेज के लिए भी गुहार

भगवान अचलेश्वर के दरबार में सिर्फ अमीर बनने की ही नहीं, बल्कि देश की वर्तमान परिस्थितियों से जुड़ी युवाओं की चिंताएं भी दान पेटी के रास्ते भगवान तक पहुंची हैं।

  • नीट परीक्षा की मन्नत: दान पेटी से निकली एक अन्य मुख्य पर्ची में एक मेडिकल छात्र का दर्द और उम्मीद साफ दिखाई दी। छात्र ने देश में चल रहे परीक्षा विवादों के बीच भगवान अचलेश्वर महादेव से प्रार्थना की है कि यदि री-नीट (RE-NEET) परीक्षा आयोजित होती है, तो उसका प्रदर्शन बेहद शानदार रहे।

  • सरकारी कॉलेज की चाह: छात्र ने मन्नत मांगी है कि उसे महादेव की कृपा से मध्य प्रदेश के ही किसी नामी शासकीय मेडिकल कॉलेज (Government Medical College) में एमबीबीएस (MBBS) की सीट मिल जाए। इसके अलावा अन्य कई पर्चियों में लोगों ने परिवार के उत्तम स्वास्थ्य, बेरोजगारी से मुक्ति, कर्ज के बोझ से छुटकारा, बच्चों की शादियां समय पर होने और घर में सुख-समृद्धि की कामना करते हुए अपनी अर्जियां भगवान के चरणों में लगाई हैं।

20 सेवानिवृत्त अधिकारियों की टीम ने की गणना: मिले लाखों रुपये और चांदी के आभूषण

मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने बताया कि अचलेश्वर महादेव मंदिर में हर महीने बड़ी संख्या में स्थानीय और दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालु अपनी मनोकामनाएं पर्चियों में लिखकर दान पेटी में डालते हैं। जून माह के चढ़ावे की इस बेहद पारदर्शी गणना प्रक्रिया में डाक विभाग और विभिन्न बैंकों के लगभग 20 सेवानिवृत्त (Retired) अनुभवी कर्मचारियों और अधिकारियों की विशेष टीम शामिल रही।

इस पूरी गिनती के अंत में दान पेटियों से कुल 5 लाख 52 हजार 580 रुपये की नकद राशि प्राप्त हुई है। इसके साथ ही बड़ी मात्रा में चांदी के नाग-नागिन के जोड़े, कुछ अत्यंत प्राचीन सिक्के और अन्य कीमती वस्तुएं भी चढ़ावे के रूप में मिली हैं। मंदिर ट्रस्ट के सदस्यों का कहना है कि ये पर्चियां इस बात का जीवंत प्रमाण हैं कि भक्तों के लिए भगवान सिर्फ एक मूर्ति नहीं, बल्कि उनके सबसे बड़े हमराज हैं, जिनके सामने वे अपने बड़े से बड़े सपने, संघर्ष, कमजोरियां और उम्मीदें बिना किसी डर के खुलकर समर्पित कर देते हैं।