9 महीने पहले हुई थी मुलाकात, अब शादी के बंधन में बंधे राजस्थान के सोनू और MP के सागर
बारां। समाज की पुरानी बंदिशों और रूढ़ियों को पीछे छोड़ते हुए राजस्थान के बारां जिले के शाहाबाद क्षेत्र में एक ऐसी शादी संपन्न हुई है, जो इस वक्त हर तरफ चर्चा का विषय बनी हुई है। यहां देवरी की रहने वाली किन्नर सोनू उर्फ रेशमा ने मध्य प्रदेश के गुना जिले के रहने वाले सागर राजपूत के साथ हिंदू रीति-रिवाज से सात फेरे लेकर जीवन भर का साथ चुन लिया है। दोनों का यह विवाह शाहाबाद के सीनियर स्कूल के पास स्थित प्रसिद्ध हनुमान मंदिर में पूरे विधि-विधान के साथ संपन्न हुआ।
मथुरा रेलवे स्टेशन से शुरू हुआ था 9 महीने का सफर
इस अनोखे रिश्ते की बुनियाद करीब 9 महीने पहले उत्तर प्रदेश के मथुरा रेलवे स्टेशन पर पड़ी थी। सोनू उर्फ रेशमा और सागर की पहली मुलाकात वहीं हुई थी। एक साधारण सी बातचीत से शुरू हुआ यह सिलसिला नंबरों के आदान-प्रदान तक पहुंचा। इसके बाद फोन पर बातों का दौर शुरू हुआ, जिसने पहले गहरी दोस्ती और फिर धीरे-धीरे अटूट प्यार का रूप ले लिया। एक-दूसरे को अच्छी तरह समझने के बाद दोनों ने दुनिया की परवाह किए बिना शादी के बंधन में बंधने का फैसला किया।
रेशमा ने किया था प्रपोज, परिवार ने भी दिया पूरा साथ
इस रिश्ते को आगे बढ़ाने की पहल सोनू उर्फ रेशमा ने की थी। उन्होंने जब सागर के सामने शादी का प्रस्ताव (प्रपोजल) रखा, तो सागर ने बिना किसी झिझक के तुरंत हां कह दी। सबसे खूबसूरत बात यह रही कि जब दोनों ने अपने-अपने परिवारों को इस फैसले के बारे में बताया, तो किसी भी तरफ से कोई विरोध नहीं हुआ। दोनों ही परिवारों ने समाज की परवाह न करते हुए बच्चों की खुशी को सर्वोपरि माना और इस रिश्ते को सहर्ष स्वीकार कर लिया।
'बच्चों की खुशी में ही मेरी खुशी' — मां ने दिया आशीर्वाद
शाहाबाद के हनुमान मंदिर में भगवान को साक्षी मानकर जब दोनों सात फेरे ले रहे थे, तब सोनू की मां लीलाबाई भी वहां मौजूद थीं। उन्होंने नवदंपति को आशीर्वाद देते हुए भावुक होकर कहा, "मैं अपने बच्चों की खुशी में ही खुश हूं। अगर ये दोनों अपनी मर्जी से पूरी जिंदगी साथ बिताना चाहते हैं, तो एक परिवार के तौर पर हमारा फर्ज है कि हम इनका साथ दें। दोनों हमेशा मुस्कुराते रहें।"
इलाके में कौतूहल और बधाई देने वालों का तांता
जैसे ही इस अनोखी शादी की खबर शाहाबाद और आसपास के ग्रामीण इलाकों में फैली, मंदिर परिसर में लोगों की भीड़ जुट गई। वहां मौजूद हर शख्स ने इस जोड़े की हिम्मत की सराहना की और उन्हें नए जीवन की शुभकामनाएं दीं। शादी की रस्में पूरी करने के बाद जब यह नवविवाहित जोड़ा देवरी स्थित अपने घर पहुंचा, तो परिजनों और दोस्तों ने ढोल-नगाड़ों और गर्मजोशी के साथ उनका स्वागत किया। यह शादी इस बात की मिसाल बन गई है कि जहां सच्चा प्यार और आपसी समझ हो, वहां समाज की दीवारें बेअसर हो जाती हैं।

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