शिक्षा क्षेत्र को बड़ी सौगात, 70 सांदीपनि विद्यालयों का लोकार्पण; CM ने दिए खास निर्देश
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को राज्य में नवविकसित किए गए सभी सांदीपनि विद्यालयों के निर्माण कार्यों की उच्च स्तरीय समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने स्कूल शिक्षा और जनजातीय कार्य विभाग के आलाधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि आगामी 15 जुलाई तक हर हाल में जिलों के प्रभारी मंत्रियों व स्थानीय जनप्रतिनिधियों की गरिमामयी उपस्थिति में नवविर्निमित 70 सांदीपनि विद्यालयों का लोकार्पण संपन्न कराया जाए। इनमें स्कूल शिक्षा विभाग के 46 और जनजातीय कार्य विभाग के 24 स्कूल शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि इन स्कूलों का उद्घाटन महज एक औपचारिक सरकारी कार्यक्रम न होकर शिक्षा, समृद्ध संस्कृति और जनभागीदारी का एक अनूठा सामाजिक उत्सव बनना चाहिए।
गुरु पूर्णिमा पर सजेगा उत्सव और एआई का प्रदर्शन
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह नए शैक्षणिक भवनों का उद्घाटन होने के साथ-साथ हमारे प्रदेश के बच्चों के सुनहरे भविष्य और उच्च स्तरीय शिक्षा के एक नए युग का आगाज है। उन्होंने निर्देश दिए कि आने वाली 29 जुलाई को गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर प्रदेश के प्रत्येक जिले के एक सांदीपनि विद्यालय में प्रभारी मंत्री की अगुवाई में विशेष 'गुरु पूर्णिमा उत्सव' का आयोजन किया जाए। इस भव्य समारोह के अंतर्गत विज्ञान प्रदर्शनियां लगाई जाएं, श्रेष्ठ गुरुजनों का आदर-सत्कार हो, शिक्षकों व छात्रों के नए अनुसंधानों की प्रस्तुतियां दी जाएं और साथ ही छात्र-छात्राओं द्वारा डिजिटल व कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) तकनीकों का लाइव प्रदर्शन किया जाए।
सांदीपनि के जीवन दर्शन से प्रेरणा लेंगे विद्यार्थी
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने प्राचीन ज्ञान परंपरा को रेखांकित करते हुए कहा कि महान गुरु सांदीपनि प्राचीन काल में सामाजिक समरसता के बहुत बड़े संवाहक थे। उन्होंने अपने आश्रम में जाति, वर्ग या अमीर-गरीब का कोई भेदभाव किए बिना राजपरिवार के बालकों से लेकर साधारण गरीब किसानों के बच्चों को एक समान शिक्षा-दीक्षा दी थी। आज की युवा पीढ़ी और विशेषकर विद्यार्थियों को उनके प्रेरणादायी व्यक्तित्व व आदर्श कृतित्व से परिचित कराना बेहद जरूरी है। इससे छात्रों को भारतीय गुरु-शिष्य परंपरा और उच्च नैतिक मूल्यों की सीख मिलेगी। इसके लिए उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि गुरु सांदीपनि के जीवन चरित्र पर आधारित एक लघु पुस्तिका (पॉकेट बुक) छपवाकर सभी बच्चों के बीच बांटी जाए।
प्रवेशोत्सव और यादगार सांस्कृतिक आयोजन के निर्देश
डॉ. यादव ने अधिकारियों से स्पष्ट कहा कि जिन सांदीपनि विद्यालयों का उद्घाटन पहले ही पूरा किया जा चुका है, वहां बहुत ही उत्साह के साथ 'प्रवेशोत्सव' मनाया जाए ताकि जनसमुदाय और बच्चों का स्कूलों के प्रति स्वाभाविक जुड़ाव बढ़ सके। उन्होंने सभी तैयारियों को तय समय सीमा में पूरा करने के निर्देश देते हुए कहा कि प्रत्येक सांदीपनि स्कूल राज्य में संस्कारयुक्त, आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का रोल मॉडल बनना चाहिए। इन कार्यक्रमों को बच्चों के लिए यादगार बनाने के उद्देश्य से स्कूलों में विभिन्न सांस्कृतिक प्रतियोगिताएं, रचनात्मक खेलकूद आयोजित करने तथा समारोह के अंत में सभी छात्र-छात्राओं को स्वल्पाहार व मिठाइयां बांटने के भी निर्देश दिए गए हैं।

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