बेंगलुरु जा रहा गेहूं बीच रास्ते में जब्त, जबलपुर में कार्रवाई
जबलपुर। मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले के अंतर्गत आने वाले सिहोरा कृषि उपज मंडी प्रशासन ने नियमों को ताक पर रखकर किए जा रहे कृषि उपज के अवैध परिवहन के खिलाफ एक बड़ी और सख्त कार्रवाई की है। मंडी समिति के उड़नदस्ता दल ने हाईवे पर घेराबंदी कर बिना किसी वैध अनुज्ञा पत्र (परमिट) के सिहोरा से सीधे दक्षिण भारत के बेंगलुरु (कर्नाटक) भेजे जा रहे सरकारी और वाणिज्यिक गेहूं के एक बहुत बड़े जखीरे को सफलतापूर्वक जब्त कर लिया है। पकड़े गए गेहूं की कुल मात्रा 251.20 क्विंटल आंकी गई है। इस बड़ी कार्रवाई को अनुविभागीय अधिकारी (SDM) एवं भारसाधक अधिकारी ज्योति परस्ते और मंडी सचिव सविता धुर्वे के कुशल निर्देशन में अंजाम दिया गया है।
वाहन चेकिंग के दौरान पकड़ाया KA नंबर का ट्रक, गोसलपुर की फर्म की खुली पोल
यह पूरी कार्रवाई उस समय हुई जब सिहोरा मंडी समिति का विशेष निरीक्षण दल क्षेत्र के प्रमुख मार्गों पर औचक चेकिंग अभियान चला रहा था। दल में शामिल अधिकारी शिवलाल कुलेश, नरेन्द्र गर्ग और प्रमोद पटेल ने राष्ट्रीय राजमार्ग पर आ रहे एक संदिग्ध मालवाहक ट्रक (वाहन क्रमांक: KA-43-6856) को रोककर उसकी तलाशी ली।
जांच करने पर ट्रक के भीतर भारी मात्रा में गेहूं की बोरियां लोड पाई गईं। जब टीम ने वाहन चालक से कृषि उपज के परिवहन से जुड़े वैध दस्तावेज और मंडी परमिट की मांग की, तो वह कोई भी कागजात पेश करने में पूरी तरह नाकाम रहा। गहनता से की गई पूछताछ और छानबीन में यह बात सामने आई कि यह पूरा अवैध गेहूं गोसलपुर स्थित मेसर्स नमो ट्रेडिंग कंपनी का है, जिसे चोरी-छिपे बेंगलुरु की निजी मंडियों में खपाने के लिए भेजा जा रहा था।
मंडी अधिनियम के तहत 53 हजार से अधिक का जुर्माना, सरकारी राजस्व को चपत लगाने की थी तैयारी
मंडी अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि नियमानुसार किसी भी कृषि उपज को एक राज्य या स्थान से दूसरे स्थान पर व्यावसायिक उद्देश्य से ले जाने के लिए उचित मंडी शुल्क का भुगतान करना और परमिट लेना अनिवार्य है। मेसर्स नमो ट्रेडिंग कंपनी द्वारा वैध अनुज्ञा पत्र न लेना सीधे तौर पर सरकारी राजस्व को भारी चपत लगाने और टैक्स चोरी करने का गंभीर मामला है।
इस अवैध कृत्य को देखते हुए मंडी प्रशासन ने मध्य प्रदेश कृषि उपज मंडी अधिनियम 1972 की धारा 19(6) के तहत कड़ा रुख अपनाते हुए फर्म के खिलाफ तत्काल वैधानिक कार्रवाई की। इस पूरे मामले में मंडी शुल्क, निराश्रित शुल्क और समझौता शुल्क को मिलाकर 53,042 रुपए की कुल जुर्माना राशि तय कर उसे मौके पर ही वसूल किया गया।
अवैध परिवहन के खिलाफ उड़नदस्ता दल का अलर्ट, नियम तोड़ने पर वाहन राजसात करने की चेतावनी
सिहोरा मंडी समिति की इस अचानक और बड़ी कार्रवाई से क्षेत्र के अवैध अनाज माफियाओं, बिचौलियों और टैक्स चोरी करने वाले व्यापारियों के बीच हड़कंप मच गया है। मंडी प्रशासन ने कृषि उपज के अवैध परिवहन पर पूरी तरह से लगाम लगाने के लिए अपने उड़नदस्ता दल को चौबीसों घंटे सक्रिय रहने और सीमावर्ती मार्गों पर गश्त बढ़ाने के निर्देश जारी किए हैं।
वरिष्ठ अधिकारियों ने क्षेत्र के सभी व्यापारियों को सख्त लहजे में चेतावनी दी है कि यदि भविष्य में कोई भी व्यापारी बिना वैध परमिट के गेहूं, धान या अन्य किसी भी फसल का परिवहन करते हुए पकड़ा गया, तो केवल जुर्माना नहीं लगाया जाएगा, बल्कि सीधे वाहन को राजसात (जब्त) करने जैसी कठोरतम कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य मंडी नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराना और राजस्व की चोरी को शून्य पर लाना है।

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