छांगुर बाबा के गिर्द तना शिकंजा, जांच में सामने आया इंटरनेशनल धर्मांतरण जाल
बलरामपुर: उत्तर प्रदेश के बलरामपुर में धर्मांतरण के एक बड़े खेल का खुलासा हुआ है। जांच एजेंसियां इस मामले की गहराई से छानबीन कर रही हैं। उनका मानना है कि छांगुर उर्फ जमालुद्दीन, नीतू उर्फ नसरीन और नवीन सिर्फ प्यादे हैं। इस पूरे खेल का असली मास्टरमाइंड सादुल्लानगर इलाके से जुड़ा है। यह क्षेत्र लंबे समय से धर्मांतरण के लिए संवेदनशील माना जाता रहा है। हाल ही में शासन को भेजी गई एक रिपोर्ट में भी इस क्षेत्र की स्थिति को गंभीर बताया गया था और सतर्कता बढ़ाने की सिफारिश की गई थी। पूर्व जिलाधिकारी की एक रिपोर्ट को दबा दिया गया था, जिसमें पुलिस और धर्मांतरण कराने वालों के गठजोड़ का खुलासा किया गया था। इस मामले की जांच में धर्मांतरण के तार दुबई, कतर, सऊदी अरब और पाकिस्तान तक जुड़े होने की बात सामने आई है।
बलरामपुर में धर्मांतरण के मामले की जांच में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। जांच एजेंसियां अब इस मामले की तह तक जाने में लगी हैं। उनका मानना है कि कुछ लोग सिर्फ मोहरे हैं, जबकि असली साजिशकर्ता कोई और है। सादुल्लानगर क्षेत्र इस पूरे खेल का केंद्र बताया जा रहा है।पूर्व जिलाधिकारी अरविंद सिंह ने 12 जून से 28 जून 2024 के बीच इस मामले का खुलासा किया था। उन्होंने पुलिस और धर्मांतरण कराने वालों के बीच सांठगांठ का पर्दाफाश किया था। उन्होंने इस मामले में कार्रवाई करने की सिफारिश भी की थी। लेकिन उनकी जांच रिपोर्ट को दबा दिया गया और उनका तबादला कर दिया गया।इस रिपोर्ट का असर तत्कालीन एस।पी। पर भी पड़ा, जिन्हें हटाकर कुछ समय के लिए साइडलाइन कर दिया गया। जांच में पता चला है कि धर्मांतरण का यह खेल सिर्फ बलरामपुर तक ही सीमित नहीं है। इसके तार विदेशों तक फैले हुए हैं। जांच एजेंसियां अब उत्तर प्रदेश के 7 जिलों की स्थिति को खंगाल रही हैं, जो नेपाल से सटे हुए हैं।
साल 2024 में सादुल्लानगर के तत्कालीन थाना प्रभारी पर भी गंभीर आरोप लगे थे। पुलिस और अपराधियों के गठजोड़ की शिकायत सीधे अपर मुख्य सचिव गृह एवं मुख्यमंत्री से की गई थी। 18 जून 2024 को भेजे गए पत्र में पूरे नेटवर्क की जानकारी दी गई थी। लेकिन फिर भी इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई। शिकायत के बावजूद कार्रवाई ठंडे बस्ते में डाल दी गई। जांच एजेंसियों का कहना है कि धर्मांतरण का यह नेटवर्क नेपाल में भी सक्रिय है। वहां भी धर्मांतरण की कई गतिविधियों में यह शामिल रहा है। इस पूरे मामले को समझने के लिए नेपाल से सटे उत्तर प्रदेश के 7 जिलों की स्थिति को जांच एजेंसियां बारीकी से देख रही हैं।

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