जयपुर|सोलहवीं राजस्थान विधानसभा का पांचवां सत्र बुधवार से शुरू हो रहा है। यह सत्र बजट सत्र के रूप में आयोजित किया जा रहा है, जिसे लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ही पूरी तरह से तैयार नजर आ रहे हैं। सत्र की शुरुआत बुधवार सुबह 11 बजे राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े के अभिभाषण से होगी। राज्यपाल के अभिभाषण पर 29 जनवरी से बहस शुरू होगी, जो तीन से चार दिन तक चलने की संभावना है। इसके बाद एक सप्ताह का अवकाश रह सकता है। राज्य का वार्षिक बजट 11 फरवरी को सदन में पेश किया जाएगा।इस बार विधानसभा सत्र के हंगामेदार रहने के पूरे आसार हैं। सरकार और विपक्ष के बीच 16 से अधिक मुद्दों को लेकर टकराव की स्थिति बन सकती है। डिस्टर्ब्ड एरिया एक्ट, पंचायती राज संस्थाओं और नगरीय निकायों के चुनावों से जुड़े विधेयकों को लेकर विपक्ष पहले से ही हमलावर रुख अपनाए हुए है। वहीं सरकार इन विधेयकों को विकास और प्रशासनिक सुधारों से जोड़कर पेश करने की तैयारी में है।बजट सत्र की संभावित अवधि करीब तीन सप्ताह मानी जा रही है। इसी को देखते हुए दोनों प्रमुख दलों ने अपने-अपने विधायक दल की बैठकें बुला ली हैं, जिनमें सत्र के दौरान अपनाई जाने वाली रणनीति पर चर्चा की जा रही है। विपक्ष सरकार को विभिन्न जनहित मुद्दों पर घेरने की तैयारी में है, जबकि सरकार अपनी उपलब्धियों और प्रस्तावित योजनाओं को मजबूती से सदन के पटल पर रखने का दावा कर रही है।सत्र से एक दिन पहले मंगलवार को विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी की अध्यक्षता में सर्वदलीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में सदन की कार्यवाही को परंपराओं और संसदीय मर्यादाओं के अनुरूप चलाने पर सहमति बनी। तय हुआ कि विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी, मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा, मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास और विधानसभा के प्रमुख सचिव, विधानसभा पहुंचने पर राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े का स्वागत करेंगे।सर्वदलीय बैठक में विधानसभा अध्यक्ष ने सदन की गरिमा बनाए रखने, सम्मानजनक भाषा के प्रयोग और सुचारु संचालन पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि सदन को सही ढंग से चलाने की जिम्मेदारी सोलहवीं विधानसभा के सभी सदस्यों की है, चाहे वे पक्ष में हों या विपक्ष में। मंत्री जोगाराम पटेल ने उम्मीद जताई कि इस बैठक के दूरगामी सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे। बैठक में सरकारी मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग, विपक्ष के मुख्य सचेतक रफीक खान, मनोज कुमार, डॉ. सुभाष गर्ग और थावरचंद भी मौजूद रहे।नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने बैठक के बाद कहा कि विपक्ष ने यह स्पष्ट मांग रखी है कि सदन में उठाए जाने वाले हर मुद्दे पर सरकार जवाब दे। जवाब सरकार अपनी सुविधा अनुसार दे सकती है, लेकिन जवाब दिया जाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश का किसान, युवा, महिलाएं और गरीब वर्ग यह देखता है कि विधानसभा में उनके मुद्दों पर कैसी चर्चा हो रही है। अगर बैठक के सकारात्मक नतीजे नहीं आए, तो हालात पहले जैसे ही रहेंगे।टीकाराम जूली ने डिस्टर्ब्ड एरिया एक्ट को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि इस बिल के जरिए राजस्थान की छवि को धूमिल करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि यह बिल क्यों लाया जा रहा है और इसके पीछे सरकार की मंशा क्या है। जूली ने कहा कि इसके परिणाम आने वाले समय में स्पष्ट रूप से नजर आएंगे। कैमरों से जुड़े मुद्दे पर भी विपक्ष ने अपनी आपत्ति विधानसभा अध्यक्ष के समक्ष दर्ज कराई है।विधानसभा अध्यक्ष ने यह भी बताया कि पिछले सत्रों में पूछे गए 96 प्रतिशत प्रश्नों के जवाब विधानसभा को प्राप्त हो चुके हैं। आगे भी समय पर प्रश्नों के जवाब सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रश्नकाल और शून्यकाल सदन की सबसे महत्वपूर्ण प्रक्रियाएं हैं और इनमें किसी भी तरह का व्यवधान नहीं होना चाहिए।पहले दिन की कार्यवाही की बात करें तो राज्यपाल के अभिभाषण के बाद सदन में दिवंगत जनप्रतिनिधियों को श्रद्धांजलि दी जाएगी। इसके बाद सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी जाएगी। बुधवार को ही कार्य सलाहकार समिति की बैठक होगी, जिसमें पूरे बजट सत्र की कार्यसूची और एजेंडे को अंतिम रूप दिया जाएगा। वहीं कांग्रेस विधायक दल की बैठक बुधवार शाम 7 बजे आयोजित होगी, जिसमें सत्र के दौरान पार्टी की रणनीति तय की जाएगी।कुल मिलाकर, 16वीं विधानसभा का यह बजट सत्र राजनीतिक रूप से काफी अहम माना जा रहा है, जहां सरकार और विपक्ष के बीच तीखी बहस और हंगामे के पूरे संकेत हैं।