रांची। डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय (DSPMU) में लंबे अंतराल के बाद कुलपति प्रो. (डॉ.) राजीव मनोहर की अध्यक्षता में सिंडिकेट की एक अत्यंत महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस उच्च स्तरीय बैठक में विश्वविद्यालय के शैक्षणिक, वित्तीय और प्रशासनिक सुधारों से जुड़े कई संवेदनशील और अहम मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक के दौरान विभिन्न समितियों द्वारा पूर्व में लिए गए नीतिगत निर्णयों की समीक्षा की गई और उन्हें सर्वसम्मति से आधिकारिक स्वीकृति प्रदान की गई। सिंडिकेट की इस मंजूरी के बाद अब विश्वविद्यालय के विकासात्मक कार्यों में तेजी आने की उम्मीद है।

फाइनेंस कमेटी और एकेडमिक काउंसिल के प्रस्ताव पास; छात्र हित में लिया गया बड़ा फैसला

बैठक के एजेंडे के तहत सबसे पहले एकेडमिक काउंसिल की अनुशंसाओं और प्रस्तावों पर विचार-विमर्श किया गया, जिन्हें सिंडिकेट ने अपनी हरी झंडी दे दी। इसके साथ ही, फाइनेंस कमेटी द्वारा प्रस्तुत किए गए बजटीय और वित्तीय प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई। इस बैठक की सबसे बड़ी मुख्य विशेषता विद्यार्थियों के हितों से जुड़ा एक ऐतिहासिक निर्णय रहा। विश्वविद्यालय प्रशासन ने उन छात्र-छात्राओं की शैक्षणिक सहायता के लिए एक विशेष योजना तैयार की है, जो पढ़ाई में किन्हीं कारणों से पिछड़ रहे हैं या अपनी परीक्षाओं में अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पा रहे हैं।

कमजोर विद्यार्थियों को मिलेगा अतिरिक्त मार्गदर्शन, कुलपति बोले— 'गुणवत्तापूर्ण शिक्षा ही हमारा लक्ष्य'

विश्वविद्यालय की इस नई पहल के तहत सिंडिकेट ने पढ़ाई में कमजोर विद्यार्थियों के लिए 'रिमेडियल क्लास' (विशेष सुधारात्मक कक्षाएं) संचालित करने के प्रस्ताव को अपनी अंतिम मंजूरी दे दी है। इन कक्षाओं के जरिए छात्रों को कठिन विषयों को आसानी से समझने और अपनी शैक्षणिक कमियों को समय रहते दूर करने का अवसर मिलेगा।

कुलपति प्रो. (डॉ.) राजीव मनोहर ने इस निर्णय की जानकारी साझा करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय का मूल उद्देश्य केवल परीक्षाएं संपन्न कराना और डिग्री बांटना नहीं है, बल्कि प्रत्येक विद्यार्थी को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित कराना है। रिमेडियल क्लास शुरू होने से उन छात्रों को सीधा फायदा होगा जिन्हें अतिरिक्त मार्गदर्शन की आवश्यकता है। इससे न केवल विद्यार्थियों के बौद्धिक स्तर में सुधार होगा, बल्कि आगामी परीक्षा परिणाम भी बेहतर होंगे।

सुदृढ़ होगी शैक्षणिक व्यवस्था, बैठक में मौजूद रहे सिंडिकेट सदस्य व अधिकारी

इस महत्वपूर्ण सिंडिकेट बैठक में विश्वविद्यालय के शीर्ष अधिकारियों, सिंडिकेट सदस्यों और विभिन्न संकायों के प्रतिनिधियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया और अपने बहुमूल्य सुझाव साझा किए। विश्वविद्यालय प्रशासन का दृढ़ विश्वास है कि एकेडमिक काउंसिल और फाइनेंस कमेटी के इन निर्णयों से संस्थान की पूरी प्रशासनिक व शैक्षणिक व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होगी। विश्वविद्यालय आने वाले समय में भी छात्र-हितैषी और प्रगतिशील वातावरण तैयार करने की दिशा में निरंतर काम करता रहेगा।